Tuesday, October 8, 2013

11

बस दो पंक्तियाँ---

"मैं चाँद हूँ खुद की रोशनी नहीं मेरे पास,
फिर भी अगर तू रात है तुझे चाँदनी कर जाऊंगा!"

-शशिष कुमार तिवारी
(8 अक्तूबर 2013, पटना)

10

बस दो पंक्तियाँ---

"प्रिय! जब तुम नहीं होते पास में मेरे,
तब तुम ही होते हो सिर्फ़ तुम ही होते हो एहसास में मेरे।"

-शशिष कुमार तिवारी
(8 सितंबर 2013, पटना)

9

बस दो पंक्तियाँ---

"मेरा विश्वास कहता है खुदा कभी कुछ गलत नहीं करता,
वो जब भी करता है साथ करता है खुदा अपने ही बन्दे को कभी खुद से अलग नहीं करता।"

-शशिष कुमार तिवारी
(8 सितंबर 2013, पटना)

Monday, October 7, 2013

8

बस दो पंक्तियाँ---

"मुझसे जुदा हैं, खफा हैं, उन्हें मनाऊँ कैसे,
मेरी रुह में बसते हैं वो, उन्हें भूलाऊँ कैसे?"

-शशिष कुमार तिवारी
(8 सितंबर 2013, पटना)

7

बस दो पंक्तियाँ---

"मुझको मालूम था कि वो नहीं आऐंगे,
पर दिल को बहलाने के लिए इंतजार जरूरी था।"

-शशिष कुमार तिवारी
(8 सितम्बर 2013, पटना)

6

बस दो पंक्तियाँ---

"तुम्हें हंसा रहा है या रुला रहा है,
जो कुछ कर रहा है खुदा बेहतर कर रहा है।"

-शशिष कुमार तिवारी
(8 सितम्बर 2013, पटना)

5

बस दो पंक्तियाँ---

"उनकी खामोशियों ने ही सबकुछ कह दिया था,
सच कह रहा हूँ शब्दों के लिए कुछ बचा ही नहीं था।"

-शशिष कुमार तिवारी
(8 सितम्बर 2013, 10.05am, पटना)

Friday, September 6, 2013

(4)

बस दो पंक्तियाँ----

"मेरी हकीकत भी आप हैं, मेरी ख्वाहिश भी आप हैं,
दिल ने इश्क़ की जो गलती की उसकी पहली आजमाइश भी आप हैं।"

-शशिष कुमार तिवारी

(3)

#बस दो पंक्तियाँ---

"हो चाहे जितनी रोशनी बिन गुरु जीवन में अंधेरा रहता है, 
चाहे छू लो तुम आसमां बिन गुरु सबकुछ अधूरा रहता है।"

-शशिष कुमार तिवारी

(2)

# बस दो पंक्तियाँ---

वक्त बदलता है जब, जीने के कारण बदल जाते हैं,
इश्क़ वही रहता है बस चेहरे बदल जाते हैं।"

-शशिष कुमार तिवारी

पहला

बस दो पंक्तियाँ----

"जब तक कोई दिल रोता रहेगा इन आँखों से आंसू बहते रहेंगे,
ये देश मेरा है तो जब तक जिंदा हूँ इसके दर्द भी मेरे रहेंगे।"

-शशिष कुमार तिवारी
(आज अभी 11.41 में, पटना)