Tuesday, October 8, 2013

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बस दो पंक्तियाँ---

"मैं चाँद हूँ खुद की रोशनी नहीं मेरे पास,
फिर भी अगर तू रात है तुझे चाँदनी कर जाऊंगा!"

-शशिष कुमार तिवारी
(8 अक्तूबर 2013, पटना)

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