Friday, September 6, 2013

(4)

बस दो पंक्तियाँ----

"मेरी हकीकत भी आप हैं, मेरी ख्वाहिश भी आप हैं,
दिल ने इश्क़ की जो गलती की उसकी पहली आजमाइश भी आप हैं।"

-शशिष कुमार तिवारी

(3)

#बस दो पंक्तियाँ---

"हो चाहे जितनी रोशनी बिन गुरु जीवन में अंधेरा रहता है, 
चाहे छू लो तुम आसमां बिन गुरु सबकुछ अधूरा रहता है।"

-शशिष कुमार तिवारी

(2)

# बस दो पंक्तियाँ---

वक्त बदलता है जब, जीने के कारण बदल जाते हैं,
इश्क़ वही रहता है बस चेहरे बदल जाते हैं।"

-शशिष कुमार तिवारी

पहला

बस दो पंक्तियाँ----

"जब तक कोई दिल रोता रहेगा इन आँखों से आंसू बहते रहेंगे,
ये देश मेरा है तो जब तक जिंदा हूँ इसके दर्द भी मेरे रहेंगे।"

-शशिष कुमार तिवारी
(आज अभी 11.41 में, पटना)