बस दो पंक्तियाँ---
"मैं चाँद हूँ खुद की रोशनी नहीं मेरे पास,
फिर भी अगर तू रात है तुझे चाँदनी कर जाऊंगा!"
-शशिष कुमार तिवारी
(8 अक्तूबर 2013, पटना)
"मैं चाँद हूँ खुद की रोशनी नहीं मेरे पास,
फिर भी अगर तू रात है तुझे चाँदनी कर जाऊंगा!"
-शशिष कुमार तिवारी
(8 अक्तूबर 2013, पटना)