Monday, October 7, 2013

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बस दो पंक्तियाँ---

"मुझको मालूम था कि वो नहीं आऐंगे,
पर दिल को बहलाने के लिए इंतजार जरूरी था।"

-शशिष कुमार तिवारी
(8 सितम्बर 2013, पटना)

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