Friday, September 6, 2013

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#बस दो पंक्तियाँ---

"हो चाहे जितनी रोशनी बिन गुरु जीवन में अंधेरा रहता है, 
चाहे छू लो तुम आसमां बिन गुरु सबकुछ अधूरा रहता है।"

-शशिष कुमार तिवारी

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