#बस दो पंक्तियाँ---
"हो चाहे जितनी रोशनी बिन गुरु जीवन में अंधेरा रहता है,
चाहे छू लो तुम आसमां बिन गुरु सबकुछ अधूरा रहता है।"
-शशिष कुमार तिवारी
"हो चाहे जितनी रोशनी बिन गुरु जीवन में अंधेरा रहता है,
चाहे छू लो तुम आसमां बिन गुरु सबकुछ अधूरा रहता है।"
-शशिष कुमार तिवारी
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